भारतीय वास्तुकला और मूर्ति कला में अंतर
कला और मूर्तिकला में अनेक अंतर है वास्तुकला आकार और विस्तार के रूप में भवनों के डिजाइन और निर्माण को संदर्भित करती है वहीं मूर्तिकला अपेक्षाकृत लघु त्रिआयामी रचनाएं होती हैं वास्तुकला में सामान्यतः पत्थर लकड़ी कांच धातु रेत जैसी विभिन्न प्रकार की सामग्रियों के मिश्रण का उपयोग किया जाता है जबकि मूर्तिकला में एक प्रकार की ही सामग्री से प्रायः बनी होती हैं वास्तुकला में अभियांत्रिकी और गणित का अध्ययन का समावेश होता है इसके लिए विस्तृत और सटीक मापन की आवश्यकता होती है वही मूर्तिकला में रचनात्मकता और कलात्मकता का समावेश होता है और यह सटीक मापन पर बहुत अधिक निर्भर होती है उदाहरण के रूप में वास्तुकला के उदाहरण ताजमहल लाल किला कुतुब मीनार आदि है वही मूर्तिकला में नटराज की मूर्ति मातृ देवी की मूर्ति और जो भी हस्तनिर्मित मूर्तियां हैं उदाहरण हैं
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