हड़प्पा मां कला और वास्तुकला
तीसरी शताब्दी में सिंधु घाटी सिंधु नदी के तट पर एक समृद्ध सभ्यता का उद्भव होता है जो उत्तर पश्चिम और पश्चिम भारत के विशाल बाद में फैली जिसे हड़प्पा सभ्यता या सिंधु घाटी सभ्यता के नाम से जाना जाता है जहां पर उत्खनन में अनेक मूर्तियां मोहरे मृदभांड आभूषण आदि मिले और इसके प्रमुख स्थल हड़प्पा और मोहनजोदड़ो हैं शहरी नियोजन के आरंभिक और सर्वोत्तम उदाहरण दो में से एक है सड़कों पर नियोजित नेटवर्क मकान जल निकास प्रणाली के दौरान विकसित नियोजन और अभियांत्रिकी कौशल का प्रकार है सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल हड़प्पा जो कि वर्तमान पाकिस्तान में है यह रावी नदी के तट पर जहां पर विशाल चबूतरे वाले सारे लिंग योनि के पास शान के प्रतीक मात्र देवी की मूर्ति लकड़ी की ओखली में गेहूं और दर्पण का पीछा करते हुए कुत्ते की मूर्ति और लाल बलुआ पत्थर से प्राप्त हुए